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बजरंग दल नेता राकू चौधरी की हत्या की गुत्थी सुलझने के करीब है, गुरुवार को सीएसपी मनोज रत्नाकर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि तीन लोगों ने मिल कर हत्या की साजिश रची थी इसमें मुख्य आरोपी सहित एक सहयोगी की गिरफ्तारी की जा चुकी है व तीसरे व्यक्ति की गिरफ्तारी की जाना बाकी है। सीएसपी ने चर्चा के दौरान बताया कि आर्यन भी शामिल था फिलहाल विस्तृत जांच चल रही है मामले में कई खुलासे होने बाकी है। मगर पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उससे यह स्पष्ट है कि राकू चौधरी की हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई है।
बता दें कि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी तरुण शर्मा और सहयोगी पृथ्वीराज सिंह बुधवार को ही पुलिस की गिरफ्त में आ गए थे । तीसरे आरोपी आर्यन की तलाश की जा रही है।
इसलिए मार दिया....
सीएसपी मनोज रत्नाकर ने बताया कि राकू चौधरी का आर्यन आर्य और तरुण शर्मा के पिताजी से विवाद हो चुका है इसलिए दोनों ने इस बात को मन मे बैठा लिया कि पिता से झगड़ने वाले को नहीं छोड़ना है। इनकी इस योजना में पृथ्वीराज ने साथ दिया वह आर्यन और तरुण का दोस्त था।
रेकी कर के मारी गोली
तरुण राकू चौधरी के ऑफिस पर नज़र बनाये हुए था एक व्यक्ति राकू के पास बैठा था उसके जाने के तुरंत बाद तरुण ऑफिस में घुसा और राकू पर गोली चला दी। गोली राकू के गाल पर लगी व गाल को छेदती हुई कंठ से होकर सीने में घुस गयी।
पृथ्वीराज बाहर इंतज़ार कर रहा था
तरुण जब राकू चौधरी पर हमला करने गया तब पृथ्वीराज बाहर ही उसका इंतज़ार कर रहा था जैसे ही तरुण राकू को गोली मार के बाहर आया वो उसे गाड़ी पर बैठा कर सीधे थाने ले गया और थाने के बाहर छोड़ कर चला गया।