काल का द्वार बने बनबना तालाब के गड्ढे। तालाब में नहाने गए 2 बच्चों की डूबने से मौत।
मृतक 17 वर्षीय ललित मीणा

नागदा।

बनबना तालाब में हर वर्ष कभी बच्चो के तो कभी वयस्कों के डूब कर मरने की खबर आम आदमी को तो तो झकज़ोर देती है लेकिन जिम्मेदारों को इन हादसों से शायद कोई फर्क नही पड़ता। जिम्मेदारों की अनदेखी का ही नतीजा है कि बुधवार को तालाब में नहाने गए 2 बच्चे डूब कर मर गए। और पूर्व में भी दर्जनों लोग अपनी जान इस तालाब में नहाते हुए गंवा चुके हैं।

बनबना तालाब में मौत के गड्ढे।

 हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्यों कि  गर्मी के मौसम में बनबना तालाब के सूखने पर इसमें से  खनन माफियाओं द्वारा मिट्टी खोदी जाती है जिसकी वजह से तालाब में बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश के मौसम में इन्ही गड्ढों में पानी भर जाता है जब कोई  व्यक्ति तैरता हुआ इन गड्ढों के आस पास पहुँचता है तो वह इन गड्ढों में फंस जाता है और निकल नही पाता जिससे वह काल के गाल में समा जाता है बुधवार को भी जिन 2 बच्चो की डूबने से मौत हुई है वो इन्ही गड्ढे में डूबे हैं।

जिन दो बच्चो ललित मीणा (17) और कुणाल (10) की मौत तालाब में डूबने से हुई है वो दोनों बच्चे ऊंटवाल पेट्रोल पंप के पीछे बसे सुनील नगर में रहते थे।

3-4 बच्चे गए थे तैरने

मृतक बच्चो के मोहल्ले में रहने वाले एक युवक ने बताया कि शाम के वक़्त लगभग 3 से 4 बच्चे बनबना तालाब में नहाने के लिए गए थे जिसमें में 2 बच्चे जब डूबने लगे तो मदद बुलाने के लिए अन्य दो बच्चे दौड़ कर मोहल्ले में आये । मदद पहुँचने तक दोनों बच्चो की मृत्यु हो चुकी थी।

एक बच्चे को तैरना आता था दूसरा सिख रहा था।

17 वर्षीय ललित अच्छे से तैरना जनता था और वह काफी देर से तैर भी रहा था लेकिन इस बात का अंदाज़ लगाया जा रहा है कि ललित के साथ जो कुणाल नाम का बच्चा तैरना सिख रहा था संभवतः उसे बचाने की कोशिश में ललित भी डूब गया।

कल होगा पोस्टमार्टम

थानाप्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चो का पोस्टमार्टम कल होगा जिसके बाद उनके शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए जाएंगे।