- नागदा में जारी रहेगा लॉक डाउन, किसी भी प्रकार की छूट अथवा ढील नहीं।
- 10 तारीख को नईदिल्ली क्षेत्र के रहवासियों को मिल जाएगी राहत, कंटेन्मेंट मुक्त होगा क्षेत्र।
निलेश रघुवंशी।
शहरवासियों को यह उम्मीद थी कि 2 मई को लॉक डाउन का आखरी चरण खत्म होने के बाद, धारा 144 में ढील दी जाएगी और 3 तारीख से वह पहले की तरह सामान्य ज़िन्दगी जी पाएंगे मगर शनिवार सुबह नागदा में एक ओर कोरोना मरीज़ की पुष्टि होने के बाद से शहर में लॉक डाउन में ढील अथवा छूट देने की बजाय प्रशासन लॉक डाउन को लेकर ओर अधिक सख्त हो गया है।
एसडीएम आर.पी. वर्मा ने बताया कि 3 तारीख से हम कुछ रियायत बरतने पर विचार कर रहे थे लेकिन शनिवार सुबह चम्बल मार्ग निवासी मृतक हुसैन कनिमुदद्दीन के कोरोना वायरस संक्रमित होने की पुष्टि के बाद से लॉक डाउन पहले की ही तरह जारी रहेगा, इसमें न तो कोई ढील दी जाएगी और न ही किसी भी प्रकार की छूट दी जाएगी। इसीलिए शहर वासी किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देते हुए पहले की तरह लॉक डाउन का पालन करें।
10 तारीख को नईदिल्ली क्षेत्र कर देंगे कंटेन्मेंट मुक्त
6 अप्रेल को जवाहर मार्ग नईदिल्ली क्षेत्र से पहला कोरोना मरीज़ मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल पूरे नई दिल्ली क्षेत्र को कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित कर सील कर दिया था। थोड़े ही दिन बाद नईदिल्ली क्षेत्र का ही रहवासी रतलाम में कोरोना पॉज़िटिव पाया गया जिसके बाद उक्त क्षेत्र को कंटेन्मेंट ज़ोन बनाये रखने की मियाद बढ़ा दी गयी। लेकिन काफी समय से वहां कोई नया कोरोना मरीज़ नही मिला है इसी को ध्यान रखते हुए प्रशासन 10 मई को नईदिल्ली क्षेत्र को कंटेन्मेंट मुक्त करने की बात कही है।
किसी भी क्षेत्र को 28 दिन के लिये बनाते हैं कंटेन्मेंट ज़ोन
कंटेन्मेंट ज़ोन के नियम को लेकर एसडीएम आर पी वर्मा ने बताया कि जिस भी किसी क्षेत्र में कोई कोरोना पॉज़िटिव मिलता है तो उस क्षेत्र को कंटेन्मेंट ज़ोन बना कर उस पूरे क्षेत्र को सील कर दिया जाता है और यह कोरोना मरीज़ मिलने वाली दिनांक से 28 दिन तक के लिए सील रहता है। हम इसे आसान भाषा मे इस तरह से समझ सकते हैं कि किसी मोहल्ले को प्रशासन द्वारा क्वारेन्टीन करना कंटेन्मेंट ज़ोन कहलाता है।