किसानों की यह लापरवाही कहीं नागदवासियों को और खुद उन्हें ही न भारी पड़ जाये।


गेहूँ की फसल लेकर नागदा अनाज मंडी पहुँचे किसान नहीं कर रहे हैं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन


नागदा


(निलेश रघुवंशी)


22 अप्रेल से सरकार ने गेहूॅ खरीदी कि प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन साथ ही कोरोना वायरस के बढते दुष्प्रभाव को ध्यान में रखकर खरीदी के लिए गाईलाईन भी निर्धारित कि गयी है ताकी किसानों की उपज खरीदी भी जा सके और कोरोना वायरस को किसानों में फैलने से रोका भी जा सके। मगर सोमवार को नागदा के दशहरा मैदान में सैकडों किसान बगैर प्रशासन और कोरोना के खौफ के शासन कि गाईडलाईन सोशल डिस्टेंसिंग को तोडते हुए अधिक संख्या में समुह बना कर एकत्रित हो गए। जो बलशाली प्रशासन शहर में बेवजह घुमने वाले एक भी व्यक्ति को उठक बैठक लगवा देता है वो प्रशासन सूचना देने पर भी नज़र नहीं आया।


इस तरह से होनी है खरीदी


प्राप्त जानकारी के अनुसार एक सेंटर पर प्रतिदिन 25 से 30 किसानों कि ही उपज खरीदी जाना है। पंजीकृत किसानों को मोबाईल पर एक संदेश प्राप्त होता है जिसमें यह किसानों को अपनी उपज कितनी और किस तारीख को किस सेंटर पर लेकर पहॅुचना है इसकी जानकारी होती है। मगर सोमवार को नागदा खरीदी केंद्र पर लगभग 100 से अधिक किसान पुलिस थाने के पिछे दशहरा मैदान में एकत्रित हो गए।


ग्रामिण क्षेत्र में वायरस फैल गया तो भगवानन ही मालिक होगा


चीन देश का यह वायरस जब नागदा पहुॅच सकता है तो क्या ग्रामिण इलाकों में इसे पहुॅचने में वक्त लगेगा नहीं? ग्रामिण क्षेत्रों में कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता बहुत कम है क्यों कि किसान जागरूक होते तो इस तरह से एक जगह पर इतनी संख्या में इकट्ठे न होते। सोचने वाली बात यह है कि यदि ग्रामिण क्षेत्रों में गलती से भी कोरोना पहुॅच गया तो हालात संभले नहीं संभलेंगे और फिर उस परीस्थिति का तो भगवान ही मालिक होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन रूपेटा केंद्र पर भी नहीं किया जा रहा है वहां भी किसान समुह में इकट्ठा होकर घुमते दिखाई पड रहे हैं।


नज़दीक है कंटेंन्मेंट झोन


हाल ही में शहर में दो नये कोरोना पाॅज़िटिव अलग अलग क्षेत्र पाड्ल्या रोड़ के समिप पटेल गली और चंबल मार्ग पर मिले हैं जिसके बाद दोनों ही क्षेत्र को कंटेंन्मेंट झोन बना कर पूरी तरह से सील कर रखा है और यह दोनों ही कन्टेन्मेंट झोन दशहरा मैदान जहां पर किसान एकत्रित हुए हैं के काफी करीब है।


बडी प्रशासनिक लापरवाही


हालांकि प्रशासन अपने पूरे दमखम के साथ इस वक्त कोरोना के खिलाफ लड रहा है मगर उसे हर पल अपना पूरा दमखम लगाए रखना होगा क्योंकि ज़रा सी लापरवाही लोगों को भारी पड सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सारे ट्रेक्टर ट्राॅली बायपास रोड रंगोली गार्डन के समीप से नगर में प्रवेश पा रहे हैं और वहीं पर पुलिस का चेक पाईंट है। बता दें की कल से ही किसान अपनी उपज लेकर दशहरा मैदान में इकटठे होने लगे थे और कल रविवार होने के चलते खरीदी बंद थी। फिर भी किसान शहर में कैसे इकट्ठे हो गए? जबकि इनकी उपज तो आज खरीदी जाना थी। पुलिस प्रशासन गंभीरता से अपने चेक पाईटों पर सख्ती से काम करे। वरना नागदा शहर में कोरोना वायरस इसी ढील कि वजह से ही रात के अंधेरे में इंदौर से चोरी छुपे आया है।


शहर से बाहर हो खरीदी


प्रशासन को गंभीरता से इस बात पर विचार करते हुए नागदा का खरीदी केंद्र शहर के बाहर बनाना चाहीये ताकी शहर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन आसानी से हो सके। और कम से कम शहर वाले और खुद ग्रामिणजन सुरक्षित रह सकें।


कलेक्टर को वाट्स एप्प पर कि शिकायत


किसानों की इस गंभीर लापरवाही और प्रशासन कि ढिलपोल की शिकायत कलेक्टर शशांक मिश्र को वाट्स एप्प के माध्यम से कि गयी है। इस शिकायत पर वे कब संज्ञान लेते हैं इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पायी है।